5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

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       पंचगंगा घाट है जो काशी मे दशामेव घाट से 200 मीटर की दूरी पर है  कबीर साहिब ने शिशु  रूप बनाकर लीला की और उस समय के प्रसिद्ध ब्राह्मण स्वामी रामानंद जी को घाट  की सीढियों  पर मिले शिशु रूप मे   उठाया तो झूकते समय उनकी कंठी कबीर साहेब के गले में अपने आप पड़ गई तब से कबीर साहिब रामानंद को अपना गुरु कहने लगे लेकिन जव रामानंद जी ने जाना कि यह तो परमात्मा है और खुद परमात्मा आए हुए हैं तो रामानंद जी ने अपने 1400 ब्राह्मण शिष्यों को कहा कि कबीर साहिब ही पूर्ण परमात्मा है और सतगुरु जी हैं उनसे नाम दीक्षा ले और अपना कल्याण करवाएं कबीर साहिब ने अनेक लीलाएं रामानंद जी को दिखाइ और सतलोक दिखाया आंखों देखकर रामानंद जी ने पूर्णता कबीर साहेब जी के चरणों में अपना जीवन समर्पित कर दिया था। देखें साधना टीवी चैनल रात 7:30 बजे


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